यूपी चुनाव: अखिलेश यादव ने ब्राह्मणों से किये कई अहम वादे, क्या बदल सकती है सियासी तस्वीर?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ चंद दिन ही रह गए हैं. सूबे में सत्ताधारी बीजेपी वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही है तो वहीं सूबे की विपक्षी समाजवादी पार्टी उन्हें कड़ी टक्कर देती नजर आ रही है. राजनीतिक पंडितों की मानें तो इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी और सपा के बीच देखने को मिलेगा. ऐसे में सपा अपनी पूरी ताकत और रणनीति के साथ अपने चुनावी अभियान को आगे बढ़ा रही है. इसी कड़ी में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बड़ा दांव खेला है.

अखिलेश यादव ने बीजेपी का सबसे बड़ा वोट बैंक रहा ब्राह्मण समुदाय को अपनी तरफ करने के लिए बड़े वादे किया है. इसके लिए अखिलेश ने मंगलवार को ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात भी की.

अखिलेश ने किये ब्राह्मणों से कई बड़े वादे

इस दौरान अखिलेश ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सूबे में सपा की सरकार आने के बाद काशी विश्‍वनाथ समेत अन्य मंदिरों के पुरोहितों और पुजारियों को मानदेय दिया जाएगा.

Akhilesh and Brahmin

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि संस्कृत शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा और ब्राह्मणों सहित सभी पर लगे फर्जी मामले वापस लिए जाएंगे.

मंगलवार को एसपी मुख्यालय से जारी बयान में कहा गया कि आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें अपने समर्थन का विश्वास दिलाया.

इस दौरान यादव ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सूबे में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर संस्कृत शिक्षकों का सम्मान होगा, काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों सहित अन्य मंदिरों के पुजारियों को भी मानदेय दिया जाएगा और मंदिरों का संरक्षण होगा.

अखिलेश ने आगे कहा कि रामायण के कलाकारों को भी मानदेय दिया जाएगा और फिर श्रवण यात्रा शुरू होगी. उन्‍होंने कहा कि हमारी सरकार ब्राह्मणों सहित सभी पर दायर किये गए फर्जी मामलों को वापस लेंगी.

वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार में तीर्थ स्थलों का विकास और संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहित किया गया था. हमारी सरकार ने संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी को 30 करोड़ रुपये मदद मुहैया कराई थी और परशुराम जयंती पर सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया था.

akhilesh brahaman

ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सपा के सामने मांग पत्र पेश किया, जिसमें कहा गया कि भगवान परशुराम जयंती पर पूर्व में दिए गए सार्वजनिक अवकाश को फिर से बहाल किया जाए. इसके आलावा ब्राह्मण आयोग का गठन किया जाए जो ब्राह्मण हितों का ध्यान रखा जाए.

फर्जी मामले होंगे वापस

ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि केंद्र सरकार ने सवर्णों को जो 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है, उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का उत्पीड़न बंद किया जाए और ख़ुशी दुबे को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगे फर्जी केस वापस लिए जाए.

आपको बता दें कि जुलाई 2020 में कानपुर में एक गैंगस्टर विकास दुबे और उसके कई साथियों को पुलिस ने अलग-अलग मु’ठभेड़ों में मा’र गिराया था.

इस मामले में पुलिस ने हफ्ते भर पहले शादी करके आई अमर दुबे की नाबालिग पत्नी खुशी दुबे को भी गि’रफ्तार किया है. जो फ़िलहाल पुलिस हिरासत में बंद है.

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प्रीत हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं, पत्रकारिता में M.A की योग्यता रखती हैं, फिलहाल ये यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए बतौर फ्रीलांसर कार्य कर रही हैं।

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