ग्लैमरस मॉडल को हिजाब पहनने की वजह से पी’टा गया, देश छोड़कर भागने पर हुई मजबूर

मलेशिया में एक मॉडल को हिजाब पहनने के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा. इतना ही नहीं मॉडल के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ, हालात इसे बन गए कि इस ग्लैमरस मॉडल को देश छोड़कर ही भागना पड़ा. मॉडल पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगा है, उसे गिर’फ्तार भी कर लिया गया, जिसके बाद वो देश छोड़कर भाग निकली. दरअसल यह मॉडल एक ट्रांसजेंडर है और उन्होंने एक धार्मिक समारोह के दौरान हिजाब पहना था.

36 वर्षीय नूर सजत कमरुज्जमान एक ट्रांसजेंडर है और वो सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं. मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली नूर एक मॉडल है और हाल ही में माइग्रेट होकर मलेशिया आई थी, लेकिन अब उन्हें भागकर फिर से ऑस्ट्रेलिया जाना पड़ा है.

क्या हैं पूरा मामला?

वहीं नूर के तुरंत प्रत्यर्पण की मांग मलेशियाई अधिकारियों द्वारा की जा रही है, अगर नूर पर केस चलता है और वो दोषी साबित होती है तो उन्हें तीन साल तक की जे’ल हो सकती हैं.

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दरअसल नूर ने 2018 में आयोजित हुए एक एक निजी धार्मिक समारोह के दौरान मुस्लिम महिलाओं के तरीके से हिजाब पहना था. उन्होंने सोशल मीडिया पर यह तस्वीरें पोस्ट कर दी जिसके बाद उन पर विवा’द शुरू हो गया.

मलेशियाई अधिकारियों के अनुसार नूर एक पुरुष है. वहीं इस्लामी कानून कहते है कि पुरुष महिला के कपड़े धारण नहीं कर सकता है. जबकि नूर पुरुष है जो ट्रांसजेंडर महिला बनी है, उन्हें मलेशिया में शरणार्थी का दर्जा दिया गया था.

वहीं नूर ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि मलेशिया के सेलंगोर राज्य में JAIS के अधिकारियों के हम’ले के बाद उन्हें भागने पर मजबूर होना पड़ा. उसके खिलाफ JAIS ने इस्लाम के अपमान के आरोप लगाए हैं.

वहीं नूर कहती है कि मेरे साथ बेहद ही कठोर व्यवहार किया जा रहा है, इसलिए मुझे भागना पड़ा. मेरे परिवार, माता-पिता के सामने मुझे पि’टा गया, धक्का देकर गिरा दिया गया, हथ’क’ड़ी लगा दी गई. मुझे बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा , इससे मुझे बहुत दुख पहुंचा. मैं उन्भीहें सहयोग दे रही थी लेकिन फिर भी मेरे साथ ऐसा व्यवहार हुआ.

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अगर गलती मान लें तो दं’ड नहीं देंगे

नूर सजत ने कहा कि मेरे साथ यह इसलिए हुआ क्योंकि वो मुझे एक ट्रांस महिला के तौर पर देखते हैं, इसलिए उन्होंने कोई परवाह नहीं की. मुझे पकड़ा गया, पी’टा भी गया. ट्रांस महिलाओं में अंदर भी भावनाएं होती हैं. हम सामान्य तरीके से अन्य लोगों की तरह जीवन जीने के लायक हैं.

इस मामले को लेकर मलेशिया के धार्मिक मामलों के मंत्री इदरीस अहमद ने कहा कि नूर अगर देश वापस आने को तैयार है और अपनी गलती स्वीकारती है तो कोई समस्या नहीं है, हम उसे दं’डित नहीं करना चाहते हैं, उसे सिर्फ शिक्षित करना चाहते हैं.

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