हरिद्वार धर्म संसद हे’ट स्पीच मामला, आखिरकार कार्यवाही हो ही गई, यति नरसिंहानंद पर हुई FIR

हरिद्वार में पिछले महीने हुई धर्म संसद पर दुनियाभर में मची बहस के बीच हरिद्वार पुलिस ने इस मामले को लेकर बड़ा कदम उठाया है. हरिद्वार पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है, इसके साथ ही अब इसमें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो क्लिप के आधार पर कथित अभद्र टिप्पणी के लिए हिंदू नेताओं यति नरसिंहानंद और सागर सिंधुराज के नाम भी जोड़ दिए गए है.

Haridwar Dharma Sansad
Haridwar Dharma Sansad

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के मुताबिक वायरल वीडियो क्लिप को आधार बनाते हुए एफआईआर में दो और नाम शामिल किये गए है यह नाम है सागर सिंधु महाराज और यति नरसिंहानंद गिरी.

नरसिंहानंद गिरी पर एफआईआर

उन्होंने बताया कि मामले की शुरूआती जांच के बाद अभ’द्र भाषा के इस्तेमाल के लिए दोनों के नाम प्राथमिकी में शामिल किये गए है. प्राथमिकी में धारा 295A को भी शामिल किया गया है.

yati narsinghanand
Yati Narsinghanand Giri

आपको बता दें कि हाल ही में हरिद्वार में एक धर्म संसद आयोजित की गई थी, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें को इसके आयोजन यति नरसिंहानंद गिरी थी. इस कार्यक्रम के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और महात्मा गांधी के लिए आपत्तिजनक टि’प्पणियां की गई.

वहीं इससे पहले वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी, धर्म दास, अन्नपूर्णा समेत धर्म संसद से जुड़े कुछ और लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. कथित धर्म संसद का आयोजन 17 से 18 दिसंबर के बीच हुआ था.

जांच के लिए SIT का गठन

हरिद्वार में धर्म संसद मामले में अब जांच का जिम्मा एसआईटी को सौंपा गया है. कथित धर्म संसद में भ’ड़काऊ बयानबाजी के मामले की जांच पांच सदस्यी SIT टीम द्वारा की जाएगी.

बताया जा रहा है कि इस SIT का नेतृत्व SP स्तर के पुलिस अधिकारी द्वारा किया जाएगा. न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए गढ़वाल के DIG करण सिंह ने बताया कि हरिद्वार धर्म संसद भ’ड़काऊ बयानों के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.

उन्होंने बताया कि जांच के लिए SP स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय SIT का गठन किया गया है. दो’षियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

हरिद्वार के आलावा और भी कई जगहों पर इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किये गए, जिनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है. इस मामले को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद नाम के एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

Supreme Court of India
Supreme Court

संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा है कि कई शिकायतें दर्ज करा देने के बाद भी प्रशासन भड़’काऊ भाषणों पर कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रहा है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की गुहार लगाई गई है.

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प्रीत हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं, पत्रकारिता में M.A की योग्यता रखती हैं, फिलहाल ये यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए बतौर फ्रीलांसर कार्य कर रही हैं।

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