उत्तर प्रदेश: इंश्योरेंस पॉलिसी लिजिए और मेरे साथ रात गुजारिए…

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने एक बड़े हाई प्रोफाइल से’क्स रैकेट का पर्दाफाश किया है. मझोला और सिविल लाइंस पुलिस ने रैकेट का संचालन कर रही दो महिलाएं और उनके तीन साथियों को गि’रफ्ता’र किया है. पुलिस के अनुसार इस गिरोह के सदस्य बीमा कराने वाले कस्टमर्स को से’क्स सर्विस उपलब्ध करवाते थे. गिरोह संचालक की चंगुल में फंसी दो युवतियों को भी पुलिस ने मुक्त कराया है.

पुलिस ने बताया कि इन लड़कियों को नौकरी देने का झांसा देकर वहां बुलाया गया था और फिर इन्हें देह व्यापार के धं’धे में धकेल दिया गया था. पुलिस के अनुसार इन युवतियों से यह गंदा धंधा कराया जा रहा था.

इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ से’क्स फ्री

सीओ सिविल लाइंस इंदु सिद्धार्थ ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि खबर मिली थी कि कुछ पुरुष और महिलाऐं शहर में हाई प्रोफाइल रैकेट का संचालन कर रहे है.

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इसी सुचना के आधार पर एक टीम सिविल लाइंस थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह और मझोला थाना प्रभारी जीत सिंह के नेतृत्व में गठित की गई. शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की. दीन दयाल नगर स्थित एक मकान में छापेमारी के दौरान एक युवक को हिरासत में लिया था.

इससे पूछताछ के दौरान से’क्स रैकेट के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने मझोला के हरथला हड्डी मिल भोला सिंह की मिलक कांशीरामनगर स्थित एक मकान में दबिश दी. यहां से पुलिस ने दो महिलाओं और उनके तीन साथियों को दबोचा.

खबरों के अनुसार यहां महिलाएं किराये पर निवास कर रही थी. आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वो एक निजी बीमा कंपनी में पॉलिसी करवाने का काम करते है. ज्यादा से ज्यादा लोग उन से पॉलिसी कराए, इसलिए वो उन्हें सेक्स सर्विस भी ऑफर करती थी.

आरोपियों के चंगुल से पुलिस ने दो युवतियों को भी रिहा कराया है जो पश्चिम बंगाल की बताई जा रही है, उन्हें नौकरी का झांसा देकर यहां पर लाया गया और फिर उनसे देह व्यापार कराया जा रहा था.

रामपुर के बिलासपुर निवासी आरोपी महिला ने बताया कि वो चार साल पहले बीमा एजेंट के रूप में काम करना शुरू की थी लेकिन महीनों बीतने के बाद भी वो एक भी पॉलिसी नहीं करा सकी थी. कंपनी की तरफ से बढ़ते दबाव के बीच वो छह माह में मात्र दो पॉलिसी ही करा पाई थी.

इसके बाद महिला ने पॉलिसी लेने वालों को पॉलिसी के साथ सेक्स सर्विस देनी शुरू कर दी, ऐसा करने से उसने एक माह में ही नौ पॉलिसी कर दी, जिससे उसे 75 हजार रुपये कमीशन के तौर पर एक माह में मिले. अगले महीने पंद्रह और इसके बाद तो संख्या तेजी से बढ़ती ही चली गई.