किसान नेता राकेश टिकैत ने दी मीडिया हाउस को चे’ताव’नी, अगला टारगेट मीडिया हाउस हैं, नहीं सुधरे तो…

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने सोमवार 27 सितंबर को भारत बंद बुलाया था. दरअसल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर देश भर के किसान लगातार इनका विरो’ध कर रहे है. लेकिन मोदी सरकार किसानों की बात सुनने को तैयार तक नहीं है.

ऐसे हालातों में किसान संगठनों ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए भारत बंद का आह्वान किया गया था. देश भर में कृषि कानूनों को लेकर किसानों ने खुलकर सरकार के खिलाफ मौर्चा खोल लिया है.

राकेश टिकैत ने दी मीडिया हाउस को चेतावनी

वहीं भाकियू के नेता राकेश टिकैत ने भारत बंद को सफल करार दिया है. इसके साथ ही मंगलवार को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोदी सरकार के साथ-साथ मीडिया हाउस को भी चे’तावनी दी.

rakesh kisan

उन्होंने मीडिया हाउस को चेतावनी देते हुए कहा कि अब हमारा अगला टारगेट मीडिया हाउस हैं. छत्तीसगढ़ के राजिम में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में हिस्सा लेने के लिए रायपुर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने इस दौरान मीडिया से बात की.

उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए मीडिया हाउस को कड़े शब्दों में धम’की देते हुए कहा कि आप सभी लोग हमारा साथ दीजिए. अब हमारा अगला टारगेट मीडिया हाउस ही हैं. अगर आपको बचना है तो हमारा साथ दीजिए नहीं तो आप भी गए.

अपने बयान को जारी रखते हुए राकेश टिकैत ने आगे कहा कि देश भर के किसानों की लड़ा’ई एमएसपी और नरेंद्र मोदी सरकार के काले कानून के विरो’ध में है.

इसके साथ ही किसान छत्तीसगढ़ के मुद्दे उठाएंगे और देश के सामने अपनी बात रखेंगे. इस वक्त देश की सबसे बड़ी समस्या एमएसपी बनी हुई है, सभी किसान पूरी ताकत के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे.

किसानों को करेंगे जागरूक

उन्होंने आगे कहा कि हम इसे लेकर बातचीत करेंगे कि किस तरह राज्य के सब्जी किसान और भी अधिक लाभान्वित हो सकते हैं और उनके मुनाफे के लिए क्या नीतियां बनाने की जरूरत हैं.

किसान नेता राकेश टिकैत ने आगे बोलते हुए कहा कि आज इस किसान महापंचायत के दौरान किसानों को सब्जियों से किस तरह ज्यादा लाभ हासिल हो सकता है इस पर विशेष तौर पर चर्चा की जाएगी.

इसके साथ ही किसानों से जुड़े अन्य बहुत से मुद्दों और परेशानियों पर विस्तार से बातचीत की जाएगी. हम केंद्र के कृषि कानून से होने वाले नुकसान पर अपने किसान भाइयों को जागरूक करेंगे. केंद्र के इस काले कानून का प्रभाव पुरे देश पर पड़ेगा.

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