Karnataka Hijab Row: हिजाब विवाद पर विदेशी मीडिया में सरकार पर निशाना

यूसी न्यूज़, दिल्ली: Hijab Row News LIVE Updates- भारत के कर्नाटक राज्य में बढ़ता हिजाब विवाद पिछले कई दिनों से चल रहा है, लेकिन यह विवाद अब धीरे-धीरे इतना ज्यादा बढ़ गया कि यह अब चरम सीमा पर पहुंच चुका है. अभी हाल ही में एक कॉलेज की जो घटना हुई है उस घटना ने विदेशों तक कि मीडिया को भारत के खिलाफ लिखने को मजबूर कर दिया है. तुर्की समेत कई मुस्लिम देशों की मीडिया में भारत की आलोचना करते हुए सरकार पर निशाना साध रहे हैं.

विवाद पर तुर्की समेत कई मुस्लिम देशों की मीडिया में भारत की आलोचना

क्या वाकई में अब भारत में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर नजरअंदाज किया जा रहा है? जिस तरह से कल एक मुस्लिम लड़की मुस्कान का वीडियो वायरल हुआ था, उसको देखने के बाद हर कोई खफा है.

लालू यादव ने भी मोदी सरकार पर सवाल उठाये

Hijab Row News LIVE Updates: इधर लालू यादव ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा आएगी देश गृह युद्ध की ओर बढ़ रहा है क्योंकि एग्जाम विवाद की आंच अब कर्नाटक से निकलकर पांडुचेरी और मध्य प्रदेश तक जा पहुंची है और हो सकता है यह देश के बाकी हिस्सों पर भी चर्चा का विषय बने.

जब मुस्कान अपने कॉलेज के अंदर जाती झाई, पीछे से सैकड़ों युवाओं की भीड़ जय श्री राम के नारों के साथ उसको डराने की कोशिश करती है, लड़की भी जवाब में अल्लाह हू अकबर कहकर चिल्लाती है. कल सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हुआ था, उसके बाद ट्विटर पर लाखों ट्वीट हिजाब को लेकर किये गए.

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री बैकफुट पर | Hijab Row News LIVE Updates

मीडिया में खबरों के अनुसार मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने भी इस विवाद में कूदने की कोशिश की थी लेकिन शायद लगता है कि आलाकमान की फटकार के बाद बैकफुट पर नजर आ रहे हैं और उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि मीडिया ने मेरे बयान को गलत तरीके से लिया है.

लेकिन हैरत की बात यह है कि देश में कई मुस्लिम नेता और संगठन है लेकिन अभी तक जमीअत उलमा हिंद, देवबंद और दिल्ली के मुसलमानों के नेताओं की तरफ से चुप्पी बहुत कुछ बताती है. आखिर इन लोगों की ऐसी क्या मजबूरी है जो इन लोगों को मुसलमानों का नेता तो बनना है लेकिन जब कोई मुसीबत आए तो चुप्पी साध लेते हैं.

स्कूल और कॉलेजों को बंद रखना समाधान नहीं | Hijab Row News LIVE Updates

krनाटक में 3 दिन तक स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का फरमान सुना दिया गया था लेकिन क्या इस तरह से स्कूल या कॉलेज को बंद कर देना समस्या का हल है कर्नाटक की सरकार को इस मामले में कोई ठोस कदम उठाने होंगे हालांकि अभी यह मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है.

हाईकोर्ट ने भी इस मामले पर तो तू जवाब दे दिया था कि हम संविधान से चलते हैं ना कि धार्मिक भावनाओं से अब देखना यह है कि हाईकोर्ट की तरफ से इस मामले पर क्या फैसला होता है क्योंकि काफी लंबे समय से बच्चों की एजुकेशन प्रभावित हो रही है और अगर अब इस तरह के विवादों में उसे तो फिर बच्चों के भविष्य पर भी एक बड़ा संकट होने की संभावना है.

About भास्कर राणा

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भास्कर वरिष्ठ पत्रकार हैं, पिछले 5 वर्षों से विभिन्न न्यूज़ संस्थानों के लिए बतौर लेखक के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं. फिलहाल यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए एक फ्रीलांसर के रूप में कार्य कर रहे हैं.

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