समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ीं, वानखेड़े से गृहमंत्री नाराज, आर्यन खान मामले में अंधेरे में रखा गया..

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने आर्यन खान ड्र’ग्स मामले को जिस तरह से हैंडल किया है, उसे लेकर केंद्रीय गृहमंत्रालय अत्यधिक गंभीर है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले को लेकर बेहद ही नाराजगी जाहिर की है. इस मामले में जो सबसे बड़ी और गम्भीर बात सामने आई है वो यह है कि इस मामले को लेकर एनसीबी मुख्यालय को भी अंधेरे में रखा गया.

मीडिया में सूत्रों के हवाले से यह ख़बर है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने समीर वानखेड़े के कामकाज के तरीके को लेकर बेहद ही नाराजगी जताई है. तीन दिनों की अहम बैठक के लिए बीजेपी के कुछ नेता दिल्ली पहुंचे थे.

अमित शाह वानखेड़े से नाराज

बताया जा रहा है कि इस दौरान शाह ने महाराष्ट्र के कुछ बीजेपी नेताओं के साथ इस मामले को लेकर चर्चा की है. आर्यन खान ड्र’ग्स  मामले में जांच और इसे हैंडल करने के तरीके में कई कमियां पाई गई है.

sameer wankhede

सूत्रों के अनुसार इस मामले में फ़िलहाल केंद्रीय गृहमंत्रालय चुप्पी साधना ही बेहतर समझ रहा है. आमतौर पर गृहमंत्रालय द्वारा एनसीबी के रोजमर्रे के कामकाज में दखल नहीं किया जाता है, लेकिन अगर किसी केस या काम में संस्था की छवि ख़राब हो या फिर सरकार की बदनामी होती नजर आए तो ऐसा काम करने की इजाजत किसी भी अधिकारी को नही दी जाती.

इतना ही नहीं एनसीबी के डीजी सत्यनारायण प्रधान को भी आर्यन केस में समीर वानखेड़े द्वारा की गई जांच में कई खामियां नजर आई है, वहीं जब यह कमजोरियां उजागर हुई तो वानखेड़े को मामले की जांच में पूरी तरह से छुट नहीं दी गई.

अगर सूत्रों के हवालों से मिली खबर सही है तो आपको जानकार हैरानी होगी कि विभागीय कार्यालय ने दिल्ली स्थित मुख्यालय को इस मामले में पूरी जानकारियां तक नहीं दी थी. इतना ही नहीं मुख्यालय को इस बात की जानकरी भी नहीं दी गई कि आर्यन खान के पास से ड्रग्स या पैसे की कोई बरा’मदी नहीं हुई है.

दिल्ली स्थित मुख्यालय को इतनी अहम जानकारी तक नहीं दी गई है जबकि ऐसे मामलों में सारी जानकरियां मुख्यालय को देना चाहिए था. वहीं शनिवार को समीर वानखेड़े की मुलाकात एससी कमीशन के उपाध्यक्ष अरुण हलधर से हुई. जहां वानखेड़े ने अपने अनुसूचित जाति से होने के सबूत पेश किये.

इस मामले पर अरुण हलधर का बयान आया है कि समीर वानखेड़े ने अपना धर्म परिवर्तन किया हो, इसके कोई सबूत नहीं मिलते है. हालांकि एनसीपी नेता नवाब मलिक इस बात पर अडिग है कि वानखेड़े एक मुस्लिम है और उन्होंने आरक्षण का लाभ लेने के लिए अपना धर्म छुपाया और फर्जी जाति प्रमाणपत्र से आईआरएस की नौकरी हासिल की है.

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