इंदिरा गांधी या नरेंद्र मोदी, सशक्त प्रधानमंत्री कौन? सवाल पर अजय देवगन ने दिया ऐसा जवाब, न्यूज एंकर बोलीं- इसी की उम्मीद थी

बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन की फिल्म भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया हाल ही में रिलीज हुई है, फिल्म अब तक दर्शकों के दिल में जगह बनाने में कामयाब रही है. इसी फिल्म के प्रमोशन को लेकर दिये गए एक इंटरव्यू में अजय देवगन ने फिल्म से जुड़े कई सवालों के जबाव दिये और कई किस्से भी सुनाए. इसके साथ ही देवगन ने कई दुसरे सवालों के जवाब भी जबरदस्त अंदाज में दिये.

आज तक पर बातचीत के दौरान जब अजय से पूछा गया कि इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी में से ज्यादा सशक्त पीएम कौन है? तो इस पर अजय देवगन ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया.

इंदिरा या मोदी, कौन सशक्त प्रधानमंत्री?

आज तक की न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी ने एक्टर से सवाल करते हुए कहा कि 1971 में इंदिरा गांधी देश की पीएम रही, उनके नेतृत्व में देश ने कई बड़ी कामयाबी हासिल की और हिंदुस्तान आज भी उसका जश्न मनाता है.

ajay devgan

वहीं बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए उरी में जो सर्जिकल स्ट्राइक हुई उसका नेतृत्व किया. चित्रा त्रिपाठी ने आगे कहते हुए कहा कि अगर आपकी राय ली जानी जाए तो दोनों में से कौन ज्यादा सशक्त था?

इसके जवाब में अभिनेता अजय देवगन ने कहा कि आप दोनों में तुलना नहीं कर सकते हैं. उस वक्त इंदिरा जी ने जो किया वो सही था और आज जो पीएम मोदी जी कर रहे है वो भी सही है. दो लोग और दो परिस्थिति, आप दोनों में तुलना नहीं कर सकते हैं.

अजय देवगन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर हम एक स्थिति दे और उसमें दो लोगों को डाले, फिर देखें कि कौन बेहतर है. तब यह सवाल सही रहता है लेकिन यहां पर दो अलग स्थिति और दौर है. ऐसे में यह तुलना नहीं की जा सकती हैं.

जल्द ओटीटी पर डेब्यु करेंगे अजय

अभिनेता का जवाब सुनने के बाद एंकर ने कहा हमें आप से इसी प्रकार के जवाब की उम्मीद थी, हमें लगा ही था कि आप बीच का रास्ता लेंगे. इस पर अजय देवगन ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर आपको ऐसा पहले से पता था तो आपको यह सवाल ही नहीं करना चाहिए था.

आपको बता दें कि अभिनेता अजय देवगन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जल्द ही डेब्यू करने जा रहे है. ओटीटी को लेकर एक इंटरव्यू में अजय देवन ने कहा कि इसमें लोगों को जितनी ज्यादा छुट दी जाएगी लोग उसका उतना ही नाजायज फायदा उठाएंगे. उन्होंने कहा कि चार लोग नाजायज फायदा उठाते है तो पूरी इंडस्ट्री को बदनामी सहना पड़ता हैं.

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