सिख समुदाय पर टिप्पणी करना अभिनेत्री कंगना रनौत को पड़ गया भारी

कंगना रनौत अपने बयानों के चलते अपनी मुश्किलें बढाती ही जा रही है. कंगना के बयानों के चलते उनके खिलाफ होने वाले केसों की तादात बढ़ती ही जा रही है. हाल ही में केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया है. जिसके चलते कंगना काफी गु’स्साई और भड़की हुई है. कंगना नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि बिलों को वापस लेने के फैसले से बेहद नाराज है और उन्होंने इसके लिए आंदोलन कर रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराया हैं.

कंगना ने अपनी एक पोस्ट में लिखा कि आज खालिस्तानी आ’तं’कवा’दियों के चलते आज भले ही सरकार के हाथ बंधे हुए हैं लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि एक महिला सिर्फ एक महिला पीएम ने इन लोगों को अपनी जूती के नीचे कुचल डाला था.

सिख समुदाय पर कंगना का आप’त्ति’जनक बयान

कंगना ने आगे लिखा कि चाहे उस महिला ने इस देश के लिए कितनी भी पीड़ा क्यों ना सही हो लेकिन उसने उन्हें अपनी जा’न की कीमत पर मच्छरों की तरह कु’चल डाला और देश के टुकड़े नहीं होने दिये. इतना ही नहीं यह लोग आज भी उनकी मौत के दशकों बाद भी उसके नाम से कांप उठते हैं, उन्हें वैसा ही गुरु चाहिए.

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कंगना के बयान सिख समुदाय आहत हुआ है. इस मामले को लेकर कंगना के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. श्री गुरु सिंह सभा मुंबई ने कंगना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. भोईवाडा पुलिस स्टेशन दादर में कंगना के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कराए गए है. कंगना के साथ इसमें अतुल मिश्रा को भी आरोपी बनाया गया है.

दरअसल आरोपी अतुल मिश्रा ने भी सोशल मीडिया पर कुछ इसी तरह के कमेन्ट किये थे. उन्होंने लिखा किभीड़तंत्र के लिए सरकार अतिसंवेदनशील है. असली किसान असल में असली लूजर हैं, क्योंकि कानून उनके लिए ही लाभदायक था.

सिखों को मनाना बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश में कमजोरी को रोक नहीं सकता हैं, यह शिकायत श्री गुरु सिंह सभा की तरफ से लॉयर सवीना बेदी सचर ने दाखिल की हैं.

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कंगना के खिलाफ हुआ मामला दर्ज

कंगना मोदी सरकार के तीनों कृषि कानून वापस लेने के फैसले ही निराश और दुखी है. वो लगातार सोशल मीडिया पर अपने विचार शेयर कर रही हैं. हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित हुई कंगना लगातार अपने बयानों के चलते विवा’द खड़े कर रही है.

बता दें कि कंगना ने पीएम नरेंद्र मोदी के बिल वापसी के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था कि यह बेहद ही शर्मनाक और अनुचित रहा है. कंगना ने कहा कि दुखद, शर्म’नाक और अनुचित करार दिया था. उन्होंने कहा कि संसद में बैठी सरकार की जगह सडकों पर मौजूद लोगों ने कानून बनाना शुरू कर दिया है, यह भी एक जिहा’दी राष्ट्र हैं.

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