जैन मुनि की समाधि के लिए मुस्लि’म व्यक्ति ने दान में दी कीमती ज़मीन, देशभर के जैन बंधुओं ने सरहाना की

यूसी न्यूज़, डेस्क: मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी जितनी तारीफ की जाय उतना कम है. यहाँ के एक मुस्लि’म समाज के व्यक्ति ने सामाजिक सौहार्द की शानदार मिसाल पेश की है। नीमच में सिंगोली नामक एक कस्बा है जहाँ एक जैन मुनि श्री शांतिसागर का आकस्मिक निध’न हो गया. इस तरह से जैन समाज में लोकप्रिय रहे इन मुनि श्री का जाना जैन समाज के लोगों के लिए बड़ी दु:खद स्तिथि जैसा माहौल बन गया था.

अब जैन समाज के लोगों पर ज़िम्मेदारी आयी की मुनिश्री की उचित स्थल पर समा’धी बने. इसके बाद उनके अनुयायियों ने विचार विमर्श करने के बाद नीमच-सिंगोली रोड पर एक जगह का चयन किया गया जो कि धार्मिक मान्यता के अनुसार उनकी समाधि बनाने के लिए उपयुक्त जगह थी.

MP ME Jain muni ke liye dan dene wale Ashraf Mev
समा’धी के लिए ज़मीन दान करने वाले अशरफ मेव फ्रेम में

जैन मुनि श्री शांतिसागर महाराज की समाधि का स्थान तो तय हो गया था, लेकिन एक समस्या और थी वो ये कि समाज के लोगों द्वारा जिस जगह को चुना गया था वो एक मुसलमान की जगह थी. रात हो चुकी थी और समाज के लोगों ने अविलम्ब अशरफ मेव उर्फ गुड्डू के घर जाकर सारी बात बताई.

इसके अलावा जैन समाज के लोगों ने अशरफ से कहा कि वे ज़मीन के बदले जितने चाहें उतना पैसा ले सकते हैं. उनकी बात सुनकर अशरफ ज़मीन देने को तैयार हो गए, लेकिन उन्होंने पैसे लेने से इनकार करते हुए कहा कि यह भूमि मेरी तरफ से आपके समाज के लिए है, इससे बड़ा पुण्य का काम कोई नहीं हो सकता है.

अशरफ की ये बात सुनकर समाज के लोगों को काफी अच्छा लगा और उन्होंने उसी वक़्त विनयांजलि कार्यक्रम के दौरान भूमि दान करने वाले उस मुस्लि’म शख्श अशरफ मेव को सम्मानित करने का फैसला कर लिया.

मध्य प्रदेश के अशरफ मेव ने सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की है, देशभर से अमन और भाईचारे को पसंद करने वाले लोग उनके तारीफ कर रहे हैं

” यह अल्लाह का आदेश है कि जैन संत की समाधि मेरी जमीन पर ही बने “

सिंगोली नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशरफ मेव उर्फ गुड्डू ने कहा, ‘पैसा मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता है। यह तो मेरा सौभाग्य है कि मेरी भूमि पर एक जैन मुनि की समाधि बनेगी।

मुझे जिले में सां’प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का उदाहरण पेश करने के लिए बधाई देने वाले फोन आ रहे हैं।

‘अशरफ मेव ने यह कहकर पैसों का ऑफर ठुकरा दिया था कि यह अल्लाह का आदेश है कि जैन संत की समाधि मेरी जमीन पर ही बने तो इसके लिए आपको जितनी जगह जहां चाहिए ले लीजिए।

रात को ही समाधि स्थल बनाने की जगह पर समाजजनों के साथ पहुंचे और आवश्यक जमीन दान में दे दी।

इस नेक काम के लिए अशरफ मेव की हो रही है तारीफ

अशरफ मेव कि हर जगह सराहना होने लगी है और बड़े-बड़े राजनेताओं और समाजसेवियों के आश्रम में उनके पास फोन आने लगे और उनके इस नेक काम की सभी ने प्रशंसा की जिसमें दिग्विजय सिंह से लेकर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा और तमाम लोग शामिल हैं।

साथ ही रविवार को मध्य प्रदेश सरकार में सुष्म लघु उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने अशरफ मेव का जैन समाज जनों की मौजूदगी में अभिनंदन किया था और इस नेक कार्य की तारीफ की साथ ही इसे कौमी एकता की अद्भुत मिसाल बताया था।

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भास्कर वरिष्ठ पत्रकार हैं, पिछले 5 वर्षों से विभिन्न न्यूज़ संस्थानों के लिए बतौर लेखक के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं. फिलहाल यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए एक फ्रीलांसर के रूप में कार्य कर रहे हैं.

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