भारतीय छात्रों को वपास ला रही बस रास्ते में ही उपद्रवियों ने लूट ली, माइनस 5 डिग्री के तापमान में 35 km पैदल तय करना पड़ा सफर

यूक्रेन और रूस के बीच जारी अशांति में कई भारतीय फंसे हुए है. यूक्रेन में कई भारतीय फंसे हुए है जिनमें से ज्यादातर छात्र है जो वहां मेडिकल की पढाई के लिए गए हुए थे. भारतीय दूतावास के मुताबिक यूक्रेन में करीब 18 हजार से भी अधिक भारतियों के फंसे होने की संभवनाएं है. इस छात्रों में 341 छात्र यूपी के भी शामिल है. यह छात्र शनिवार सुबह वापस आने वाले थे लेकिन वहां हालात बिगड़ने के चलते इनकी वापसी मुश्किलों में घिर गई है.

दैनिक भास्कर ने यूक्रेन में रहकर MBBS कर रहे मुजफ्फरनगर के अमन के हवाले से वहां के हालात बयां किये है. छात्र ने पोलैंड बॉर्डर से दिल दहला देने वाली दास्तां बताई है.

कम नहीं हो रही छात्रों की मुश्किलें

उन्होंने बताया कि इंडियन एंबेसी की एडवाइजरी के बाद वह जहां आए है. उन्होंने बताया कि वो पहले कैब से और फिर जाम लगने के चलते माइनस 5 डिग्री टेंप्रेचर में 9 घंटे तक 35 किमी. पैदल सफर तय करके पोलिश बॉर्डर तक पहुंचे है.

indian in ukrain

छात्र ने बताया कि लेकिन अब उन्हें एंट्री नहीं दी जा रही है. वहीं अब एंबेसी ने दूसरी एडवाइजरी जारी कर वापस लौटने के लिए कह दिया है.

इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने यूक्रेन में फंसे प्रदेशवासियों की एक लिस्ट जारी की है. लिस्ट के मुताबिक 341 प्रदेशवासी यूक्रेन में फंसे हुए है.

वहीं आगरा और सहारनपुर के छात्रों ने अपने साथ हुए एक सनसनीखेज घट’ना का खुलासा किया है. छात्रों ने बताया कि यूक्रेन में 60 भारतीयों से भरी एक बस को लूट लिया गया है.

छात्रों के मुताबिक उप’द्रवियों ने बस को रोका और उनके साथ लूटपाट की. सभी लोग ह’थियारों से बंद थे और अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा है.

आगरा की श्रेया और सहारनपुर की निहारिका ने अपने परिजनों को जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार सुबह एंबेसी की बस हंगरी बॉर्डर के लिए निकली थी. लेकिन बस में एंबेसी का ना तो कोई अधिकारी था और ना ही कोई सुरक्षा थी.

लूट ली गई भारतीयों की बस

इसी दौरान उनकी बस लूट ली गई. इसके बाद उन्हें काफी दूर तक पैदल ही चलना पड़ा. छात्राओं का कहना है कि अब वह प्राइवेट बस बुक कर हंगरी के लिए रवाना हुए है.

Ukraine border

बता दें कि यूक्रेन में पढाई के लिए गए भारतीय छात्रों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है. एक तरफ सरकार और भारतीय दूतावास वहां से भारतियों को निकालने के काफी प्रयास कर रहा है. लेकिन इसके बाद भी छात्रों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

यूक्रेन में फंसे छात्रों का परेशानी बयां करते हुए गला रुंध जा रहा है, जिसे सुनकर हर भारतीय का दिल पसीज रहा है. छात्र इस वक्त बहुत ही विषम परिस्थिति और मुश्किलों के बीच खुद को बचाने के प्रयासों में जुटे हुए है.

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प्रीत हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं, पत्रकारिता में M.A की योग्यता रखती हैं, फिलहाल ये यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए बतौर फ्रीलांसर कार्य कर रही हैं।

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