जान-बूझकर जू’ते पर थू’का मुझे जमाती कहकर थू’क चटा’या, लखनऊ पुलिस पर गंभी’र आरोप

लखनऊ के निवासी फखरूद्दीन अली नाम के एक व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश पर बदसलूकी के आरोप लगाए है. अली ने यूपी पुलिस पर जातिगत टिप्पणी करने, मा’र पी’ट और प्रता’ड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए है. अली का आरोप है कि मोहन पुलिस चौकी के पुलिस वालों द्वारा उनके साथ बदसलूकी की गई और उनके खिलाफ जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे उस जुर्म के लिए प्रता’ड़ित किया गया जो अली ने किया ही नहीं हैं.

फखरुद्दीन अली का आरोप हैं कि उन्हें पुलिस द्वारा ना सिर्फ मा’रा पी’टा गया बल्कि उन्हें जमाती कहते हुए पुलिसकर्मियों ने अपने जू’ते पर थू’कक’र उनसे चट’वा’या. इसके साथ ही पुलिस वालों ने फखरूद्दीन अली से पैसों की उगा’ही भी की है.

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मीडिया रिपोर्ट्स का अनुसार फखरूद्दीन अली अहमद कनक विहार में रहने वाले है और उनका फ्रैबिकेटिंग का कारखाना है. जहां ज़ुबैर नाम का एक शख्स स्टाफ में काम करता था. इसी दौरान जुबैर को मुहल्ले की एक गैर मुस्लिम युवती से प्रेम हो गया. जिसके बाद दोनों वहां से भाग गए.

इस मामले में लखनऊ के पारा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ. इसी मामले में पूछताछ के लिए 18 अगस्त से फखरूद्दीन को मोहन पुलिस चौकी में बुलाया जाने लगा. फखरुद्दीन ने अनुसार चौकी में तफ्तीश के लिए बुलाने के बाद उनसे जुबैर की खोजबीन और दबिश के नाम पर गाड़ी, डीजल सहित खाने पीने का पैसा माँगा जाता था.

इस दौरान उन्हें गं’दी गं’दी गा’लियां भी जाती और तरह तरह से प्र’ता’ड़ित किया जाता. उनका आरोप है कि मोहन चौकी में उन्हें जब 26 अगस्त की शाम को बुलाया गया तो इस दौरान चौकी इंचार्ज सहित विनय सिंह, जितेंद्र दूबे, अशोक सिंह, भूपें’द्र और मनोज यादव ने उन पर जा’ती सूचक टिप्पणियां की.

इतना ही नहीं फखरूद्दीन के अनुसार इस दौरान उनकी दाढ़ी के बाल नोंचे गए. उन्होंने पुलिस को कई बार बताया कि उन्हें जुबैर और उसके किसी भी काम के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं लेकिन पुलिस जुबैर और युवती को भागने का आरोप मुझे पर लगाती.

फखरूद्दीन ने बताया कि मैं जितनी बार रूपये देता, अगली बार पुलिस वाली उसका डबल मांगने लगते और नहीं देने पर मुझे किसी झूठे मुकदमे में फं’सा देने की धम’की देते थे.

फखरूद्दीन ने इस मामले को लेकर 24 अगस्त को पीएम, सीएम, जिला जज लखनऊ, चीफ जस्टिस इलाहाबाद, पुलिस आयुक्त लखनऊ, मानवाधिकार आयोग और एसीपी लखनऊ तक को लिखित में शिकायत पत्र भेजे लेकिन उनके मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई.

वहीं पारा थाने के SHO का कहना हैं कि जब फखरुद्दीन हमारे पास आये तो उन्होंने हमें कुछ बताया नहीं, इसके बाद हम उनके घर भी गए लेकिन वो मिले नहीं. उनकी पत्नी ने बताया कि उनका मोबाइल सुबह से ही बंद आ रहा है. लेकिन कुछ दिन बाद उनका एक वीडियो वायरल कराया गया जिसमें वो पुलिस पर प्रता’ड़ित करने का आरोप लगा रहे है.

साभार- द क्विट हिंदी

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