कर्नाटक: मैसूर के एक कॉलेज का हिजाब को लेकर बड़ा कदम, पूरा सिस्टम ही बदल डाला

मैसूर: हिजाब विवाद के बीच कर्नाटक के मैसूर से एक ऐसी खबर आ रही है जिसकी वजह से शायद या तो हिजाब को लेकर चल रहा ये विवाद खत्म ही हो जाएगा या फिर यह विवाद शायद इसकी वजह से और ज्यादा बढ़ने वाला है. बीते कुछ हफ्तों से एक छोटी सी घट’ना के बाद हिजाब के मुद्दे ने ऐसा टूल पकड़ा के ये विवाद एक कॉलेज से होता हुआ धीरे-धीरे कई राज्यों तक फैल गया. धीरे धीरे करके ये हिजाब बैन का मुद्दा देशभर में विवाद का कारण बनता जा रहा था.

Mysore College cancels uniform order
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कई राज्यों से अलग-अलग तरह की खबरें भी आना शुरू हो चुकी थी. इतना ही नहीं भारत में जो हिजाब का विवाद चल रहा है, वह अपने देश से निकलकर विदेशों तक जा पहुंचा. यहां तक कि यूएन में भी इसको लेकर बातें होने लगी.

कॉलेज ने अपने ड्रेस कोड को रद्द किया

मैसूर के कॉलेज ने, इस हिजाब विवाद के बीच में एक बड़ा कदम उठाया है. इस कॉलेज ने अपने सिस्टम को ही बदल दिया. हालांकि अभी हाई कोर्ट द्वारा हिजाब विवाद पर किसी भी तरह का फैसला नहीं लिया जा सका है.

लेकिन मैसूर के कॉलेज ने इस मामले में पहल की, अब आने वाले वक्त में पता लग सकेगा कि इस कॉलेज के इस फैसले के बाद यह विवाद थमता है या फिर और बढ़ता है.

कर्णाटक राज्य में ड्रेस कोड ख़तम करने वाला पहला कॉलेज

कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के बीच यहां के एक प्राइवेट कॉलेज ने अपने कॉलेज में ड्रेस कोड को खत्म कर दिया है. अब यहां पढ़ने वाली सभी छात्राएं बिना किसी रोक-टोक के अपनी ड्रेस पहन कर आ सकती हैं, चाहे वह हिजाब हो या गले में भगवा दुपटा.

Muslim students can wear hijab
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हाईकोर्ट ने हिजाब विवाद पर क्या कहा?

हाईकोर्ट ने हिजाब विवाद को लेकर अपने अंतरिम आदेश में निर्देश जारी किए थे. कोई भी छात्र या छात्रा किसी भी तरह के हिजाब या भगवा शॉल या दूसरे किसी भी तरह के धार्मिक प्रतीक की अनुमति नहीं दी गई थी जब तक यह फैसला नहीं आता तब तक कोई किसी भी तरह का अपना धार्मिक चोला पहनकर नहीं आ सकता.

इधर गृहमंत्री ने पहले ही बोल दिया था कि छात्रों के साथ किसी भी तरह का धर्म रवैया नहीं अपनाया जाएगा और अगर किसी ने कानून का उल्लंघन किया तो उस पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी.

इस बीच एक और घट’ना हुई थी, बताया जाता है कि एक छात्र को सिन्दूर लगाकर आने के चलते उसे कॉलेज में एंट्री नहीं दी गई. इसके बाद उस छात्र के परिजन कॉलेज में आए और फिर स्टाफ प्रबंधक के साथ बातचीत करके हल निकाला गया. तब सहमति के बाद वह विवाद खत्म किया और फिर उस कॉलेज को उस छात्र को कॉलेज में प्रवेश दिया गया

About भास्कर राणा

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भास्कर वरिष्ठ पत्रकार हैं, पिछले 5 वर्षों से विभिन्न न्यूज़ संस्थानों के लिए बतौर लेखक के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं. फिलहाल यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए एक फ्रीलांसर के रूप में कार्य कर रहे हैं.

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