नवाब के आरोपों पर वानखेड़े का जवाब- हां मेरा निकाह हुआ था, मेरी मां चाहती थी में निकाह करूं और…

आर्यन खान ड्र’ग मामले में जांच कर रहे एनसीबी के जोनल डारेक्टर समीर वानखेड़े ने महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी चुप्पी तो’ड़ ली है. बता दें कि नवाब मलिक पिछले कई दिनों से लगातार वानखेड़े पर हम’लावर रहे है. उन्होंने वानखेड़े से बीते वक्त से जुड़े कई राज से पर्दा उठाते हुए उन पर कई आरोप लगाए है. जो इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए है. इन पर लगातार चल रही बहस के बीच अब वानखेड़े ने अपनी बात रखी है.

बता दें कि आज नवाब मलिक ने जांच अधिकारी का निकाहनामा अपने ट्वीटर अकाउंट से शेयर किया है. इस निकाहनामे के अनुसार उनका नाम समीर दाऊद वानखेड़े था. नवाब का आरोप है कि समीर ने नौकरी पाने के लिए अपना धर्म छुपाया और खुद को दलित बताया.

हां मैंने किया निकाह..

इन आरोपों पर जवाब देते हुए समीर ने कहा कि मैं जन्म एक दलित परिवार में हुआ है और मैं हमेशा से एक हिंदू हूँ और आज भी हिंदू ही हूँ. मैंने कभी भी अपना धर्म नहीं बदला है. भारत एक सेक्युलर देश है और इस पर मैं गर्व करता हूँ.

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उन्होंने बताया कि मेरे पिता हिंदू है लेकिन मेरी माँ मुस्लिम समुदाय से थी. मैं दोनों से प्यार करता हूँ, मेरी माँ की इच्छा थी कि मैं मुस्लिम पद्धति के अनुरूप शादी करूं तो इसलिए मैंने अपनी माँ की ख़ुशी की खातिर शादी की. इसके बाद उसी महीने मैंने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी रजिस्टर करवाई.

चूंकि जब दो अलग धर्मों के लोग शादी के बंधन में बंधते है तो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत ही रजिस्टर होता है. लेकिन मैंने इसमें धर्म नहीं बदला. बाद में हमारा कानूनी तौर पर तलाक़ हुआ. अगर मैंने धर्म परिवर्तन किया है तो नवाब मलिक उसका प्रमाण पत्र दिखाएं.

आपको बता दें कि नवाब मलिक ने एक ट्वीट करके समीर वानखेड़े से जुड़ा निकाहनामा शेयर किया है. मलिक के अनुसार यह निकाहनामा समीर दाऊद वानखेड़े का है और उनकी शादी डॉ शबाना कुरैशी के साथ हुई थी.

आरक्षण के लिए फर्जी तरीके से बने दलित

मलिक के अनुसार समीर दाऊद वानखेड़े और शबाना कुरैशी के बीच 7 दिसंबर 2006 को लोखंडवाला कॉम्पलेक्स, अंधेरी वेस्ट मुंबई में गुरुवार रात 8 बजे निकाह संपन्न हुआ था.

इसके साथ ही नवाब मलिक ने समीर और उनकी पहली पत्नी की तस्वीर भी शेयर की है. मलिक ने लिखा है कि वानखेड़े के पिता हिंदू दलित थे, उन्होंने एक मुस्लिम महिला से शादी करके मुस्लिम धर्म को ही अपनाया और जब कोई धर्म परिवर्तन करता है तो उसका अपनी पुरानी जाति से कोई लेना-देना नहीं रह जाता हैं.

लेकिन इसके बाद भी समीर वानखेड़े ने आरक्षण का इस्तेमाल करके नौकरी प्राप्त करने के लिए अपने पिता की पुरानी जाति और धर्म को अपनाया. उन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट के द्वारा नौकरी हासिल की और एक एससी के गरीब का हक़ मा’रकर उसका भविष्य ख़राब किया.