आटा-बेसन और गेहूं में मिले सड़े-गले चूहे, बिल्‍ली का मल, कहीं आप तो नहीं खाते इस ब्रांड का आटा?

उत्तर प्रदेश: राज्य के आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने एक छापामारी की जिसमें बेहद ही हैरतअंगेज मामला सामने आया है. प्रशासन ने पीर कल्याणी में स्थित अग्रवाल फूड इंडस्ट्रीज पर मारे छापे में सामने आए नज़ारे को देख अफसर भी हैरान रह गए. आपको बता दें कि इस फैक्ट्री में रसोई रतन ब्रांड का आटा तैयार किया जाता है. टीम को गोदाम में बेहद ही घटिया किस्म का गेहूं मिला है.

इनता ही नहीं इससे भी बड़ी और हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें सड़े-गले चूहे भी पाए गए है. टीम ने मौके पर ही घटिया किस्म के एक क्विंटल गेहूं नष्ट करवाया.

गेहूं में मरे चूहे और मल

इसके आलावा विभाग ने दलिया और बेसन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजे है. टीम ने फैक्टरी के मालिक को नोटिसजारी किया है. वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग के छापे के बाद शहर भर में हड़कंप मचा हुआ है.

rotten wheat in agara

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य दल के साथ अग्रवाल फ़ूड इंडस्ट्रीज पर छापेमारी की कार्रवाई की. इस दौरान फैक्टरी के मालिक राजेश अग्रवालभी मौके पर मिले.

अधिकारीयों ने जब गेहूं के भंडारण का हाल देखा तो वह चकित रह गए. दरअसल उसमें मरे हुए चूहे पाए गए. इतना ही नहीं गेहूं में बिल्ली और चूहों के मल बिखरा हुआ था, अधिकारीयों के मुताबिक वहां चूहा मारने की दवा भी पाई गई.

अधिकारियों ने बताया कि जब उन्होंने फैक्टरी मालिक से सवाल किया कि इसी गेहूं से आटा तैयार करोगे? तो इस पर उसने बताया कि उसके पास आधुनिक मशीनें हैं,जो खराब गेहूं को अलग कर देती है.

जिस पर अधिकारी ने फिर सवाल किया कि चूहे मारने की दवा और मरे चूहों की दुर्गंध को कैसे दूर किया जाएगा? इससे अगर किसी की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है तो क्या होगा?

अधिकारीयों के इस सवाल पर फैक्‍ट्री मालिक ने चुप्पी साध ली. वहीं टीम ने मौके से सैंपल कलेक्ट किये और जांच के लिए भेज दिए.

सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिपाल चौहान के मुताबिक टीम ने छापे के दौरान गेहूं में मरे हुए चूहे बरामद किये, जहां चूहे मरे हुए थे उस गेहूं को इकट्ठा कर नष्ट करा दिया गया है. इस गेहूं की मात्रा एक क्विंटल के आसपास होगी.

rotten wheat

दलिया और बेसन का लिया गया नमूना

उन्होंने बताया कि फिलहाल फैक्टरी में आटा तैयार नहीं हो रहा था, ऐसे में यहां तैयार हो रहे दलिया और बेसन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है. साथ ही फैक्टरी मलिक को नोटिस जारी करके सुधार करने की हिदायत भी दी गई है.

सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार टीम ने गोदाम में छापे के दौरना भारी गंदगी पाई. गोदाम में साफ-सफाई नहीं थी, सीलन और जाले भी लगे हुए थे. गोदाम में 9 कर्मचारी कार्य करते पाए गए जिन्होंने एप्रन और ग्लव्स नहीं पहने हुए थे. टीम ने फैक्टरी का चालान किया है और सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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प्रीत हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं, पत्रकारिता में M.A की योग्यता रखती हैं, फिलहाल ये यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए बतौर फ्रीलांसर कार्य कर रही हैं।

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