सावधान- मार्केट में अदरक के नाम पर बेचा जा रहा है तहड़, ऐसे करें असली-नकली की पहचान

यूसी न्यूज़, डेस्क: सर्दियों के मौसम में अदरक डालकर चाय पीना किसे पसंद नहीं है. अदरक (Ginger) एक आयुर्वेदिक (Ayurvedic) औषधि है जो हमारे शरीर में कई तरह की बिमारियों से लड़ने के लिए हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती हैं. यही वजह है कि इन दिनों अदरक की मांग में भारी इजाफा हुआ है. कोरोनाकाल के बीच अदरक की डिमांड काफी बढ़ी है, लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity)में इजाफा करने के लिए नियमित तौर पर अदरक का सेवन कर रहे है.

लेकिन इसी बीच एक चिंताजनक खबर सामने आई है. पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक बाजार में अदरक की मांग को देखते हुए नकली अदरक भी बेचा जा रहा है. बता दें कि भारत अदरक का सबसे बड़ा उत्पादक देश है. दुनिया में करीब 2700 टन अदरक का उत्पादन होता है जिसका 30 फीसदी यानी 900 टन से ज्यादा अकेला भारत करता है.

कैसे करे असली अदरक की पहचान?

लेकिन इसके बावजूद भी भारतीय बाजारों में नकली अदरक खूब बेचा जा रहा है. कोरोना काल के बीच अदरक के उपयोग बढ़ने के लिए मार्केट में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए नकली अदरक की खेप मार्केट में उतारी गई हैं. ऐसे में अदरक खरीदते वक्त ध्यान रखे कि आपका अदरक असली, किफायती और सेहतमंद हो.

अदरक
Image: Google

ऐसे में सवाल यह उठता है कि अदरक की पहचान आखिर की कई जाए? ताे चलिए आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देते है. जिससे आप अदरक खरीदते वक्त सही और सेहतमंद अदरक ही ख़रीदे.

करीब एक दशक से मेरठ की सब्जी मंडी में अदरक का व्यापार करने वाले मंजूर आलम ने बताया कि अदरक की कई वैरायटी और क्वालिटी हैं. मार्केट में कर्नाटक, बंगलूरु, उड़ीसा से लेकर गुजरात तक का अदरक पहुंचता है. जिसमें कर्नाटक का अदरक सबसे बढ़िया और देशी अदरक होता है.

इसकी भीतर जाली पड़ी होती है और रेशे होते हैं. वह सेहतमंद और आयुर्वेद के लिए सबसे उम्दा किस्म होती है. उन्होंने बताया कि अदरक लेते वक्त उसके भीतर जाली और रेशे का ध्यान रखें. खरीदते समय थोड़ी सी अदरक तोड़़कर देखने भर से जाली और रेशे साफ तौर पर नजर आ जाते है.

कैसा है नकली अदरक?

उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल और चमोली के ऊचें हिस्सों में तहड़ के पेड़ होते है. इस पर लगने वाला कंद भी बिल्कुल अदरक जैसा ही नजर आता है. जिसे अब बाजारों में अदरक बताकर बेचा जा रहा है.

इसे अदरक में मिलकर जैसा जाता है, चूंकि यह दिखने में अदरक जैसा ही होता है जिसे इसकी पहचान तोड़ी मुस्किल होती है.

अदरक व्यपारी मंजूर के अनुसार देशी अदरक की पहचान करना काफी सरल होता है. इसे खुशबू और अदरक में पड़ने वाली जाली से बेहद आसानी से पहचाना जा सकता है.

बता दें कि नकली अदरक को ज्यादा दिन घरों में नहीं रख पाते है यह ख़राब हो जाता है. जबकि देसी अदरक जितना पुराना होता है, उतना ही उसका स्वाद और गुण बढ़ता हैं.

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प्रीत हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं, पत्रकारिता में M.A की योग्यता रखती हैं, फिलहाल ये यूसी न्यूज़ हिंदी के लिए बतौर फ्रीलांसर कार्य कर रही हैं।

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