कँगना को ये पद कैसे मिला है, दिल्ली के सांसद और विधायक सब जानते हैं- शिवसेना नेता

बीते कुछ दिनों से कंगना रनौत लगातार विवादों में घिरी हुई है, हाल ही में उन्होंने आजादी को लेकर जो बयान दिया उस पर बावल छिड़ा हुआ है. इसी बीच अब कंगना ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सत्ता का लालची करार दिया. जिस पर खूब बहस छिड़ी हुई है. इसी बीच अब शिवसेना सांसद कृपाल तुमाने ने कंगना के बयान के लिए उन पर नि’शाना साधा है. तुमाने ने कहा कि अगर गांधी जी सत्ता के लोभी होते तो उस वक्त पीएम-राष्ट्रपति सबकुछ बन सकते थे.

शिवसेना सांसद ने कंगना पर करारा हम’ला करते हुए कहा कि अगर गांधी जी सत्ता के लालची होते तो पीएम-राष्ट्रपति सब कुछ बन सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

क्या-क्या चा’टने से मिला पद्मश्री

शिवसेना के संसद ने एक तरह से कँगना रनौत के चरित्र पर ऊँगली उठायी है, जिस तरह की भाषा उन्होने इस्तेमाल की ये किसी महिला के लिए कही गयी बातें वाकई अशोभनीय हैं. उन्होंने कहा कि ‘कंगना रनौत को क्या करके पद्म श्री सम्मान हासिल हुआ है. किसके पांव चाट’ने से, क्या-क्या चा’टने से यह सम्मान मिला है यह दिल्ली के सभी सांसद और विधायक बहुत अच्छे से जानते हैं’

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आपको बता दें कि हाल ही में अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक पोस्ट करके गांधी जी पर निशाना साधा था. कंगना ने लिखा कि अगर कोई तुम्हारे एक गाल पर थप्प;ड़ मारता है तो उसके आगे दूसरा गाल करने से आजादी नहीं मिलती है.

उन्होंने आगे लिखा कि जो लोग स्वतंत्रता के लिए लड़ा’ई ल’ड़ रहे थे उन्हें तो लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया, क्योंकि ऐसे लोगों में न तो हिम्मत थी और ना ही उन लोगों के खून में उबाल था.

उन्होंने आगे कहा कि आप या तो गांधी के फैन हो सकते है या फिर नेता सुभाषचंद बोस के समर्थक हो सकते हैं, क्योंकि आप दोनों के समर्थक नहीं हो सकते है. अभिनेत्री ने आगे लिखा कि यह सभी लोग सिर्फ सत्ता के भूखे थे.

कंगना ने कहा कि दूसरा गाल आगे कर देने से सिर्फ भीख मिल सकती है, आज़ादी नहीं. इसलिए बहुत सोच समझ कर अपने नायकों का चयन कीजिए.

कंगना के खिलाफ उठी कार्रवाई की मांग

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बता दें कि कंगना रनौत महात्मा गांधी पर वि’वादित टिप्पणी से पहले देश की आजादी को लेकर भी विवा’दास्पद बयान दे चुकी है. उन्होंने एक टीवी प्लेटफार्म पर बातचीत के दौरान कहा था कि हमें असली आज़ादी 2014 में मिली, 1947 में हमें जो आजादी मिली वो आजादी नहीं बल्कि भीख थी.

कंगना के इन विवा’दित बयानों के चलते ही उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही हैं. गौरतलब है कि कंगना ने यह बयान पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद दिया. हाल ही में कंगना को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्म श्री से सम्मानित किया है.

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