इंदिरा गांधी जयंती: देश की आयरन लेडी जिसने भारी विरो’ध के बाद भी सत्ता के लोभ में कभी नहीं बदले अपने फैसले

भारत के इतिहास में जब भी सबसे सशक्त महिलाओं की बात की जाएगी, उसमें एक नाम इंदिरा गांधी का जरुर आएगा. वैसे तो इंदिरा गांधी राजनीति से जुडी एक महिला रही है लेकिन उनके फैसलों, कामों ने उन्हें सिर्फ एक लेडी से आयरन लेडी बना दिया. आज 9 नवंबर को इंदिरा गांधी की जयंती है. इसी दिन साल 1917 में जवाहर लाल नेहरू के घर इंदिरा का जन्म हुआ था. वह भारत के इतिहास की इकलौती महिला हैं जो प्रधानमंत्री के पद पर पहुंच सकी हैं.

इंदिरा गांधी ने बतौर पीएम कई बड़े और कड़े फैसले लिए, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता हैं. उनके इस फैसले पर खूब सवाल उठे, विरो’ध हुआ, प्रदर्शन हुए और सत्ता तक चली गई लेकिन इंदिरा कभी अपने फैसले से टस से मस नहीं हुईं. तो चलिए जानते है इंदिरा गांधी के पांच ऐसे ही बड़े फैसलों के बारे में.

1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण

pm Indira Gandhi

देश में पहले काफी कम बैंक थे, देशभर में 1966 में सिर्फ 500 बैंक शाखाएं थीं. अधिक आबादी और कम बैंकों के चलते अमीर वर्ग ही इसका लाभ उठा पा रहे थे. ऐसे में इंदिरा सरकार के दौरान बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया. इसके बाद आम लोगों ने भी बैंक में अपनी आमदनी जमा करना शुरू किया. शुरुआत में इस फैसले की खूब आलो’चना हुई. लेकिन बाद में यह फैसला राष्ट्र हित में सही साबित हुआ.

कांग्रेस पार्टी का विभाजन

जब इंदिरा पीएम बनी तो कांग्रेस नेता उन्हें एक मूक गुड़िया समझते थे लेकिन सत्ता में आते ही कांग्रेस नेता यह बात समझ गए कि इंदिरा को रोक पाना किसी के बस में नहीं है. कांग्रेस सिंडिकेट इंदिरा को पद से ह’टाना चाहते थे लेकिन इंदिरा ने उनके दांव को पलट दिया. इंदिरा ने कांग्रेस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी के खिलाफ वाम पार्टियों के उम्मीदवार वीवी गिरी को समर्थन दिया और वो जीत गए.

indira gandhi emergecy

जिस पर सिंडिकेट ने पार्टी से इंदिरा को निष्कासित कर दिया तब इंदिरा ने कांग्रेस पार्टी का विभाजन कर दिया, उनके इस फैसले को राजनीति दौर का सबसे दबंग और हिट’लरशाही फैसला करार दिया गया था.

पाकिस्तान से यु’द्ध और बांग्लादेश का निर्माण

विभाजन के बाद पाकिस्तान ने कब्जे की नीति शुरू की, जिसके चलते बड़ी तादात में शरणार्थियों ने भारत का रुख किया, इंदिरा ने पाक को चेतावनी दी लेकिन पाकिस्तान को अमेरिका का समर्थन हासिल था. इंदिरा ने पाकिस्तान और अमेरिका की परवाह किये बिना पूर्वी पाकिस्तान पर ह’मला बोल दिया और उसे आजाद कराकर बांग्लादेश का निर्माण कराया.

आपातकाल (Emergency)

आपातकाल लगाने का इंदिरा का फैसला सबसे बड़ा और वि’वा’दित रहा. साल 1971 में सरकारी मशीनरी का चुनावों में दुरुपयोग का आरोप इंदिरा पर लगा, साल 1975 के लोकसभा चुनाव को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया और इंदिरा के 6 साल तक चुनाव लड़के पर बैन लगा दिया.

iron lady

जिसके बाद विपक्ष ने इंदिरा के इस्तीफे की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. जिसके बदले में इंदिरा ने आपातकाल का ऐलान कर दिया. प्रेस की आजादी पर रोक लगा दी गई, कई बड़े फेरबदल किये गए, जिससे नाराज जनता ने इंदिरा को 1977 के चुनाव में करारी हार का स्वाद चखा दिया.

ऑपरेशन ब्लू स्टार

ऑपरेशन ब्लू स्टार इंदिरा का वो फैसला रहा जिसे आज भी पूरा देश याद करता है. पंजाब से खालिस्तान की मांग उठ रही है. खालिस्तान नेता जनरैल सिंह भिंडरावाला बने. स्वर्ण मंदिर को खालिस्तान समर्थकों ने अपना ठिकाना बनाया. इंदिरा ने भिंडरावाला को गि’रफ्तार करने के आर्डर दिये.

जिसके बाद 1984 में सेना ने एक ऑपरेशन चालू किया और भिंडरावाला को मा’र गिराया गया. स्वर्ण मंदिर को सेना के इस ऑपरेशन में भारी क्षति हुई, सैकड़ों जाने चली गई. इससे सिख समुदाय बेहद आहत हुआ. इसी के चलते इंदिरा गांधी की ह’त्या उन्हीं के सिख सुरक्षाबलों द्वारा कर दी गई.

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