VIDEO: यूपी पुलिस की गुंडागर्दी, क़ुरबानी के लिए बकरा खरीद कर ला रहे दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल फिरोज खान को…

बकरीद करीब आ रही है. ऐसे में लोग कुर्बानी के लिए जानवरों की खरीदारी कर रहे है. लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ऐसे समय भी लोगों को परेशान करने से नहीं चुक रही हैं. ऐसा ही कुछ दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल के साथ उत्तर प्रदेश में हो गया. बताया जा रहा है कि मुरादनगर निवासी फिरोज अहमद जो दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं, जेवर के एक गांव से एक कार में बकरे लेकर यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए अपने घर की तरफ जा रहे थे.

इसी दौरान एक चेकिंग पॉइंट पर पुलिस ने उन्हें रोका और उनसे पूछताछ और मा’र पीट की. बताया जा रहा है कि दनकौर पुलिस ने फिरोज की गाड़ी का चालान भी काट दिया है. इसके बाद फिरोज ने अपने वकील भाई के माध्यम से इस मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने आरोप लगाए है कि दनकौर पुलिस के दरोगा और सिपाहियों ने उसका पर्स, आई कार्ड और 15 हजार की नकदी रुपये उन से छीन लिए.

इस मामले को लेकर दनकौर पुलिस ने फिरोज पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल फिरोज ने ही बदतमीजी और गा’ली गलौ’ज की थी. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नकदी और पर्स छीनने के आरोप निराधार है, ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं हैं.

वहीं इस मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के जांच के आदेश जारी कर दिये हैं. इस मामले के सामने आने के बाद पत्रकार श्याम मीरा सिंह ने लिखा कि दिल्ली पुलिस का एक मुस्लिम कांस्टेबल ईद-उल-अजहा से पहले अपने घर पर ब’लि के लिए बकरा ले जा रहा था.

उन्होंने आगे लिखा कि लेकिन उत्तर प्रदेश की पुलिस ने मुस्लिम देखकर सिर्फ इसी बात पर मा’र-पिटा’ई कर दी कि वो बकरा ले नहीं जा रहा था बल्कि बकरे की तस्करी कर रहा है. इस देश में बकरे की तस्करी भी होती है? सच में???

उन्होंने आगे लिखा कि असल बात तो यह है कि अब सबके अंदर भरा हुआ कट्टरपंथ धीरे धीरे बाहर उमड़ रहा है. फिर चाहे वो पुलिस हो या चाहे सामान्य नागरिक. सबके व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट आरएसएस द्वारा फैलाई जाने वाली घृ’णा की पहुंच में आ चुके हैं.

उन्होंने आगे कहा कि भारत का संविधान, न्यायपालिका, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री कहाँ हैं? क्या मुस्लिम समुदाय के लिए इस देश में न्याय म’र चुका है?? क्या अब मुस्लिम समुदाय अपने त्यौहार भी नहीं मना सकते हैं?

साभार- अमर उजाला

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