नवाब मलिक: यूपी के गांव से निकला वो लड़का जो कबाड़ी से बना महाराष्ट्र सरकार में मंत्री

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर लगातार निशाना साधने को लेकर इन दिनों एक नाम चर्चा में बना हुआ है. यह नाम है नवाब मलिक, महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री है और एनसीपी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान के क्रूज़ ड्रग्स मामले के दौरान से ही यह नाम सुर्खियां बटोर रहा है. इस केस को लीड कर रहे समीर वानखेड़े को नवाब मलिक ने निशाना बनाया हुआ है.

नवाब मलिक समीर वानखेडे को लेकर लगातार खुलासे कर रहे है जिसके बाद हर कोई नवाब मलिक के बारे में जानने को उत्सुक है. मौजूदा वक्त में नवाब मलिक महाराष्ट्र सरकार में अल्पसंख्यक कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री के पद पर कार्रयत है. लेकिन आज हम आपको मलिक के यहां तक पहुंचे के सफर के बारे में बताने जा रहे है.

कौन हैं नवाब मलिक?

महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में एनसीपी की सीट से उन्हें मंत्री पद मिला है. मुंबई में रह रहे मलिक का जन्म असल में उत्तर प्रदेश में हुआ था. नवाब मलिक का जन्म यूपी के बलरामपुर जिले के अतरौली तहसील के अंतर्गत आने वाले दुधवा गांव में हुआ था.

nawab malik mumbai

नवाब का परिवार साल 1970 में मुंबई शिफ्ट हो गया, इसके बाद यहीं से उन्होंने दसवीं, बारहवी और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने अंजुमन हाई स्कूल से 10वीं जबकि 12वीं की पढ़ाई बुरहानी कॉलेज से की.

नवाब मलिक का निकाह मेहजबीन से हुआ. उनके दो बेटे फराज और आमिर और दो बेटियां निलोफर और सना हैं. नवाब मलिक राजनीति में एंट्री करने से पहले एक कामयाब बिजनेसमैन रह चुके है.

उन्होंने पहले व्यापार में अपने कैरियर की शुरुआत की. बीबीसी की एक ख़बर के अनुसार मलिक परिवार जब मुंबई आया तो उन्होंने कई छोटे-बड़े व्यापार किये. उन्होंने होटल और कबाड़ का कारोबार भी किया.

navab malik kabad

कबाड़ का कारोबार

मलिक ने एक बार अपने एक बयान में कहा था कि मैं कबाड़ीवाला हूं. मेरे पिता कपड़े और कबाड़ का कारोबार मुंबई में ही करते थे. मैंने भी विधायक बनने तक कबाड़ का कारोबार किया है. उन्होंने कहा कि मेरा परिवार आज भी यह करता है और मुझे इस पर गर्व हैं.

व्यापार के दौरान ही नवाब की दिलचस्पी सियासत की तरफ बढ़ने लगी. इसी के चलते उन्होंने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई पर उनका सिक्का चल पड़ा. महाराष्ट्र में 5 बार के विधायक रहे नवाब मलिक ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत समाजवादी पार्टी के साथ की थी.

उन्होंने दो बार सपा के टिकट पर ल’ड़कर जीत हासिल की. 1996 और 1999 में उन्होंने महाराज के नेहरू नगर सीट से सपा के टिकट पर विधायकी हासिल की. बाद में उन्होंने सपा को अलविदा कह दिया और शरद पवार की पार्टी एनसीपी में कदम रखा.

nawab malik car

सपा छोड़ थामा एनसीपी का साथ

उन्होंने 2004 के विधानसभा चुनाव में एनसीपी के टिकट से नेहरू नगर सीट पर जीत हासिल करके जीत की हैट्रिक लगाई. वहीं 2009 में परिसीमन के बाद वो अणुशक्ति नगर से मैदान में उतरे और लगातार चौथी बार जीत का स्वाद चखा.

लेकिन 2014 के चुनाव में उन्हें शिवसेना के उम्मीदवार के हाथों करीबी हार का सामना करना पड़ा. वहीं 2019 विधानसभा चुनाव में नवाब मलिक ने शानदार वापसी करते हुए पांचवी बार चुनाव जीतकर विधायक बने.

nawab malik family

उन्हें महाराष्ट्र की शिवसेना और कांग्रेसी एनसीपी के गठबंधन वाली सरकार में एनसीपी के कोटे से मंत्री बनाया गया. साल 2020 में नवाब मलिक को पार्टी ने एनसीपी मुंबई का अध्यक्ष भी चुना. उन्हें एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता हैं.

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