अमेरिका-जर्मनी समेत इन 10 देशों को तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान ने दी ध’मकी, जानिए पूरा मामला

तुर्की ने 10 पश्चिमी देशों को चे’ताव’नी दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तुर्की में एक सामाजिक कार्यकर्ता की गिरफ’तारी की गई है जिसके बाद दुनियाभर के कार्यकर्ताओं ने इस पर नाराजगी जाहिर की है. साथ ही कुछ देशों ने अपने बयान जारी करके सामाजिक कार्यकर्ता की गिर’फ्तारी पर नाराजगी जताते हुए सवाल खड़े किये थे. जिसके चलते अब तुर्की ने 10 पश्चिमी देशों के राजदूतों को अपने देश से बाहर करने की धम’की दी है.

आपको बता दें कि इन दस देशों की सुची में अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों के नाम भी शामिल हैं. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान (Recep Tayyip Erdogan) ने अमेरिका, जर्मनी सहित करीब 10 पश्चिमी देशों के राजदूतों को अपने देश से निष्कासित कर देने की चेता’वनी दी है.

राजदूतों को निष्कासित करने की चेता’वनी

दरअसल इन देशों के राजदूतों ने अधिकारिक तौर पर बयान जारी करके तुर्की के सामाजिक कार्यकर्ता उस्मान कवाला की गिर’फ्तारी का विरो’ध करते हुए उनकी रिहाई की मांग की थी.

Recep Tayyip Erdogan

वहीं राजदूतों के इस तरह बयान जारी करने पर तुर्की भड़;क गया है. तुर्की ने इसे अपने आंतरिक मामले में दखल के तौर पर देखा है. तुर्की सरकार अपनी आ’लोचना और आंतरिक मामलों में दखल को लेकर हमेशा सख्त रुख अपनाती रही हैं.

आपको बता दें कि अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस समेत दस देशों के राजदूतों ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया था. इस बयान में कहा गया था कि तुर्की को ईसीएचआर और अन्य अंतरराष्ट्रीय समझौतों के दायित्वों को फॉलो करने की आवश्यकता है.

इसके साथ ही इस बयान में तुर्की के सामाजिक कार्यकर्ता उस्मान कवाला की तत्काल रिहा’ई का भी आह्वान किया गया था. आपको बता दें कि कवाला पिछले चार साल से बिना किसी आरोप के जे’ल की सलाखों के पीछे कैद हैं.

कौन हैं उस्मान कवाला

आपको बता दें कि उस्मान कवाला का जन्म पर्शिया में हुआ था, 64 वर्षीय उस्मान कवाला एक्टिविस्ट हैं और उन्हें तुर्की सरकार ने बिना किसी आरो’प के जे’ल में डाल रखा है.

osman kavala

इस मामले को लेकर तुर्की सरकार ने आरोप लगाते हुए दलील दी थी कि 2013 में सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से उस्मान के लिंक है. हालांकि तुर्की सरकार अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोर्ट के समक्ष सबूत पेश नहीं कर पाई थी.

इस मामले और इन आरोपों को लेकर कोर्ट ने उन्हें निर्दोष पाया था, लेकिन इसके बाद भी उनकी रिहाई नहीं हो पाई थी. दरअसल उनकी रिहाई के दिन ही उन्हें फिर से तुर्की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, तब से ही वो जेल में स’ड रहे हैं.

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